जो भी तुमको प्यारा है, एक दिन शायद खो जाएगा, देकर कोई गहरा ग़म, ये दिल तन्हा हो जाएगा! वक्त के साथ ये दुनिया भी, बदल ही जाएगी, देखोगे तो खुद की परछाई भी, साथ छोड़ जाएगी! लगेगा कि उस खाली जगह पर, अब कुछ भी नहीं बचा, पर इन आँसुओं के दरिया में, तुमको नहीं डूबना! पतझड़ अगर पेड़ों से, पत्ते नहीं गिराएगा, तो सोचो फिर कुदरत का ये, वसंत कैसे आएगा! ज़िंदगी तुमको कभी यूँ, तन्हा नहीं छोड़ेगी, बंद दरवाज़ों के आगे, कभी यूँ नहीं रुकेगी! पुरानी यादों की उस, खाली जगह को भरने को, एक नई रोशनी को, देखो आपकी ओर मोड़ेगी! जाने दो, जो गया... कुछ भी शाश्वत नहीं यहाँ! जो भी जाता है... नए प्यार का बनाता है रास्ता! उस शून्य से भरे दिल को, फिर से जगाने को, ज़िंदगी एक नया करिश्मा, लेकर आएगी बस यहाँ! बीते दुख को सोचकर, अगर आज रोते रहोगे, तो आने वाले नए सवेरे को, देख नहीं पाओगे! ज़ख्मों पर वह वक्त ही, मरहम लगाएगा, आपके सफ़र में फिर से, कोई नया हमसफ़र आएगा! उम्मीद की नजरों से, इस जहाँ को देखो तुम, आपके लिए जो छुपा है, उस प्यार को पहचानो तुम! जैसे रात के बाद, सुबह का आना लाज़मी है, जैसे अँधेरे के बाद, उजाले का आना लाज...